गुरुवार, 5 नवंबर 2020

सत्यपाल सिकरवार उर्फ नीटू के बाद उनके पिता गजराज सिंह सिकरवार को भी भाजपा से निष्कासित करने के नोटिस जारी

 भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश के प्रदेश कार्यालय ने पार्टी के विरूद्ध गतिविधियों में लिप्त होने और भाजपा के अधिकृत प्रत्याशीयों के विरूद्ध कार्य करने के मामले में सुमावली के पूर्व विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार उर्फ नीटू को भाजपा से निष्कासित कर दिया था , अब इसके बाद इसके अगले अनुक्रम में भारतीय जनता पाटी मध्यप्रदेश ने सुमावली के ही अन्य पूर्व विधायक गजराज सिंह सिकरवार तथा भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा गौरी शंकर शेजवार को भी इन्हीं समान आरोपों में निष्कासित करने की तैयारी कर ली है और नोटिस थमा दिये हैं । बहुत जल्द ही भाजपा अन्य पार्टी विरोधीयों और भीतरघातीयों के के खिलाफ भी कार्यवाही करेगी , सूत्रों से ज्ञात जानकारी के अनुसार आर एस एस की खुफिया इंटेलीजेंस और भाजपा के ग्रास रूट कैडर से प्राप्त बुनियादी सूचनाओं के इनपुट के बाद कनफर्मेशन होते ही भाजपा के भीतरघातीयों के विरूद्ध एक्शन शुरू हो गया है । गजराज सिंह सिकरवार के पुत्र सत्यपाल सिंह सिकरवार आलियास नीटू के अलावा ग्वालियर से कांग्रेस प्रत्याशी रहे डा सतीश सिंह सिकरवार भी पुत्र हैं । और भाजपा इन्हें भी अगला कांग्रेसी और कांग्रेस एजेंट मानकर कार्यवाही कर रही है ।



शुक्रवार, 30 अक्तूबर 2020

जब पुलिस वाले ही अपराध में शामिल हों तो बस खुदा ही खैर करे , खतरनाक है किसी अनजान का वीडियो काल लेना , मर्डर , चोरी के लिये इस्तेमाल किये जाते हैं लाइव वीडियो काल

 वीडियो  काल अटेंड करने से पहले हो जायें सावधान

नरेन्द्र सिंह तोमर , एडवोकेट

80 फीसदी आपराधिक  वारदातों में की जाती है रैकी और फिर हत्या से लेकर सायबर क्राइम और चोरीयों के लिये इस्तेमाल किये जाते हैं , मोबाइलों की लोकेशन और आपकी लोकेशन और पृष्ठभूमि से लेकर हालातों और हालत की ट्रेसिंग .... 

जहां इस समय सायबर क्राइम का जोर बढ़ता जा रहा है , वहीं अभी भारत के पुलिस विभाग में न तो सायबर क्राइम विशेषज्ञ उपलब्ध हैं और न तकनीकी जानकारी के विशेषज्ञ , केवल एथिकल हैकिंग के कोर्स मात्र करे चंद लोगों के जरिये ही पुलिस विभाग अपना काम चला रहा है जबकि सायबर क्राइम एक बहुत बड़ी व्यापक विधा है और इसका दायरा व क्षेत्र तकरीबन आम आदमी के सभी निजी जीवन तक और प्रायवेसी तक पहुचता है ।

98 फीसदी आम आदमी को पता ही नहीं चलता और पता ही नहीं हो पाता कि उसके छोटे से मोबाइल फोन या उसके आई फोन या टेबलेट या डेस्कटाप के जरिये न तो उसका कुछ भी निजी रहा है और न कोई भी जानकारी निजी रही है ।

मसलन कई बरस पहले जब स्मार्ट फोन दुर्लभ थे और 10 हजार लोगों में से किसी एक पर स्मार्ट फोन होता था । 3 जी नेटवर्क तक आदमी कुछ हद तक महफूज था । भारत में 4 जी नेटवर्क के साथ तमाम दुष्टतायें अपने आप ही साथ आ गईं । लेकिन 4 जी के साथ , सावधानियां और सुरक्षायें कंपनीयां उपलब्ध नहीं करा पाईं । या धन के लालच और प्रतिस्पर्धा से भयभीत होकर बाजार कैप्चर हाथ से निकल जाने के डर या लोभ लालच से जानबूझ कर नहीं कराई गईं । अब तो 5 जी का टर्निंग टाइम है , भारत में 5 जी की लांचिंग और टेस्टिंग 2018 में की गई थी और सितंबर 2018 तक इसे आम लोगों के लिये लांच करने की घोषणा की गई थी , लेकिन किसी वजह से इसे पहले जनवरी 2019 तक फिर सितंबर 2019 तक बढ़ाया गया , सन 2019 में 5 जी की स्पेक्ट्रम की नीलामी की गई , इसे दो कंपनीयों ने खरीदा और बाद में एक अन्य कंपनी ने भी खरीदा । कंपनीयों ने सन 2019 में इसे जनवरी 2020 में चालू करने की घोषणा की , लेकिन कंपनीयां स्पेक्ट्रम खरीदने के बावजूद इसे अक्टूबर 2020 बीतने तक भारत में शुरू नहीं कर पाईं । जबकि 5 जी फोन बाजार में जनवरी 2020 के पहले ही सन 2019 में बाजार में आ गये ।

खैर नेटवर्क में कोई सी भी हो , मुख्य खतरा जहां से शुरू होता है उसमें पांच चीजें प्रमुख हैं 1. डिवाइस ( कम्प्यूटर , मोबाइल , लैपटाप , आई फोन आदि , डिवाइस की सम्यक परिभाषा आई टी एक्ट 2000 में देखें , यही परिभाषा व्यापक है , जिसमें किसी कम्यूनिकेशन डिवाइस को शामिल किया गया है चाहे वह कोई भी उपकरण हो और जिसका इस्तेमाल किसी भी संचार में या किसी भी माध्यम में आता हो जो किसी आवाज , इमेज , फोटो, वीडियो , या टेक्स्ट – लेख को कम्यूनिकेट करती हैं और संगृहीत की जाती हैं तथा एक जगह से दूसरी जगह स्थानांतरणीय और हस्तांतरणीय हैं ) चाहे वह फिजिकल हो , आप्टीकल हो या वायरलेस हो या इन्फ्रा रेड टेक्नालाजिकल कोई भी ( इन्फ्रारेड को सामान्य भाषा में आई आर कहा जाता है ) , कोई मॉडम या रूटर , कैमरा , ड्रॉन आदि सभी ( जिन के लिये गृह मंत्रालय द्वारा लायसेंस जारी किया जाता है वे मालवाहक ड्रोन , बगैर लायसेंस लिये कोई भी शख्स या कंपनी या सर्विस प्रोवाइडर कैसा भी कोई ड्रान कहीं भी नहीं , कभी भी नहीं उड़ा सकता या चला सकता है ) इस संबंध में गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा विस्तृत निर्देश एवं नियमावली व अनुज्ञप्ति विधान जारी किये गये हैं , ग्वालियर टाइम्स इन्हें सम्यक अवसर पर प्रकाशित करेगी । डिवाइसों की सेटिंग प्रमुख विषय वस्तु है , जिसमें प्रायवेसी और सिक्योरिटी सेटिंग्स ( निजता , गोपीयता और सुरक्षा सेटिंग ) प्रमुख हैं इन्हें सोच समझ कर अपनी आवश्यकता नुसार बेहद सख्त मोड पर सेट करके रखना चाहिये , यदि वायरलेस या आई आर के जरिये इन सेटिंगों से कोई छेड़छाड़ करता है या पासवर्ड चुराता है या किसी या सारी सेटिंग्स अल्टर करता है या किसी डिवाइस को फेब्रिकेट करता है , जाली डिवाइस या सिम क्लोन करके बनाता या इस्तेमाल करता है तो यह सब सायबर क्राइम् के तहत आता है और आई पी सी की तमाम धाराओं सहित , आई टी एक्ट 2000 के तहत परिभाषित अपराध हैं और इनकी सजा आजीवन कारावास तक निर्घारित है ।

2. सिम – दूसरे पहलू में सिम कार्ड चाहे वह फिजिकल सिम हो या इलेक्ट्रानिक या ई सिम हो या किसी सिम से कनेक्ट होने वाला आई आर या वायरलेस नेटवर्क हो जिसमें डब्ल्यू पी एस , वाई फाई , वी पी एन , डायरेक्ट वायरलेस / डब्ल्यू पी एस कनेक्टिविटी आदि शामिल हैं । किसी ऐसी कंपनी की सिम लें जिसमें कंपनी किसी भी फ्री योजना में या प्रथम रीचार्ज ( एफ आर सी ) में लाइव , फ्री टी वी पैक , फ्री सबस्क्रिप्शन ( डाटा और कालिंग के अलावा ) उपलब्ध न कराती हो , सिमों को बेचने की यही योजनायें लोभ लालच में आदमी के साथ होने वाली वारदातों की मुख्य वजह बनती है और अपराधी जो कि अधिकतर सिम विक्रेताओं से जुड़े रहते हैं , ऐसी सिमों / नई सिमों ( अपराधीयों की भाषा में इन्हें कमजोर सिम या सिमों की कमजोरी कहा पुकारा जाता है और ऐसी सिमों को और सिम धारक को अपना टारगेट बनाया जाता है , सिम सुरक्षा के लिये सबसे अव्वल सिम कार्ड में लाक डाल कर रखना चाहिये । सिम लाक खोलने के लिये अपराधी को लाक पासवर्ड डालना पड़ेगा , और पी यू के कोड जानने की जुगत लगानी होगी । अगर आपका पी यू के कोड अपराधी किसी तरह से जान लेते हैं तो आप बजाय सिम बदलने के लिये अपना सिम पोर्ट करा दें , इसे एम एन पी कहा जाता है , कंपनी बदलते ही आपका पी यू के कोड अपने आप बदल जायेगा ।

अपराधी सामान्यत: ( 90 प्रतिशत सिम संबंधी क्राइमों में ) आपके सिम लाक कोड, पी यूके कोड , स्थानीय सिम विक्रेताओं या लोकल सिम डीलर से आसानी से हासिल कर लेते हैं , उसके बाद आपकी सिम को लास एंड डेमेज करने का खेल शुरू होता है और आपके ओटीपी , पासवर्ड , वीडियो कालिंग , डिवाइसों पर कम्यूनिकेशन , कालिंग , सिंक्रोनाइजिंग , क्लाउड सिंक्रोनाइजेशन आदि आपके उस नंबर की सारी की सारी अपराधी हासिल कर लेते हैं । कैसे किया जाता है यह इसी आलेख समाचार में आगे पढ़ें ।

3. इंटरनेट सर्फिंग / ब्राउजिंग / हैबिटस / क्लोनिंग / सिंक्रोनाइजेशन/ ट्राझन्स / की लागर्स / मालवेयर्स  तथा वायरस आदि

4. सीक्रेट/ हिडन डिवाइसेज  और एप्लीकेशन्स / साफ्टवेयर्स आदि जैसे मोबाइलों में हिडन कैमरा एप्लीकेशन इंस्टाल करना

5. सभी प्रकार की ट्रेसिंग डिवाइसेज / सभी प्रकार की ट्रेसिंग एप्लीकेशन्स / साफ्टवेयर्स आदि चाहे वे आफलाइन काम करतीं हों / चाहे वे आनलाइन काम करतीं हों या चाहे वे बैकग्राउंड में काम करतीं हों ( सभी आई पी सी और आई टी एक्ट में परिभाषित अपराध हैं

 

शेष अगले अंक में ........  कुछ केसेज सायबर क्राइम मुरैना जिला तथा कैसे बनाया जाता है आपको शिकार और कैसे आपकी जान माल खतरे में है , कैसे बचें आप इन अपराधीयों से , कैसे करते हैं अपराधी आई टी और सायबर का इस्तेमाल करते हैं अपराधी , पुलिस कहां और कैसे असफल होती है , कैसे पुलिस में ही घुसे बैठे हैं 90 फीसदी सायबर अपराधी ....

नरेन्द्र सिंह तोमर , एडवोकेट ( आई टी एवं सायबर क्राइम स्पेशलिस्ट   , म. प्र उच्च न्यायालय , खंड पीठ . ग्वालियर हाई कोर्ट , जिला एवं सत्र न्यायालय मुरैना

शनिवार, 26 सितंबर 2020

बिजली कटौती रोजाना दस से चौदह घंटे , फिर भी बिल हर महीने दस से बारह गुने बढ़ाकर दे रही कंपनी

 ·      ऊर्जा मंत्री ग्वालियर के लेकिन केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और फग्गन सिंह कुलस्ते सहित सी एम शिवराज के दौरों के वक्त बढ़ा दी जाती है बिजली कटौती

·       साजिश राजनीति की , उपचुनावों में इस तरह रूकवाये जाते और विलंबकत कराये जाते हैं भ्रष्ट और राजनैतिक आकाओं की चमचागिरी में लिप्त बिजली कंपनी के अधिकारी कर्मचारीयों  द्वारा

·      कंपनी में जातिवाद का बोलबाला , भर्ती से लेकर बिल जारी करने तक और बिजली कटौती तक बाकायदा जातियों और राजनैतिक पार्टी के प्रभाव क्षेत्रों और घरों के हिसाब से किया जाता है सभी कुछ

विशेष समाचार आलेख – नरेन्द्र सिंह तोमर ‘’आनन्द’’ , एडवोकेट , प्रधान संपादक एवं सी ई ओ ग्वालियर टाइम्स समूह


चंबल अंचल में मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अंधाधुध अघोषित बिजली कटौती करना और अर्जी फर्जी बिल जारी करना उपभोक्ताओं को धमकाना , शिकायतें न कर देना , एम पी आनलाइन सेंटरों के फर्जीवाड़े के जरिये सी एम हेल्पलाइन की शिकायतों को फर्जी तरीके से बंद कराना , सिमों की नकली सिमें निकलवाना और आरिजनल सिमो पर एस एम एस और ओटीपी बंद कराना जैसे जालसाली और सायबर क्राइमों में लिप्त मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी निजी जीवन में बेहद भ्रष्ट , अय्याश और जालसाज तथा फर्जीवाड़े और उच्च स्तरीय सेटिंगों में एग लैग पैग सप्लाई करने के अलावा हर हफ्ते और हर महीने अनाप शनाप लाखों रूपये ऊपर तक पहुंचाने वाले भ्रष्ट सफेदपोश नेताओं और अधिकारीयों की दुधारू और कामधेनु हैं ।

पहले तो इन्फ्रास्ट्रक्चर में करोड़ों रूपयों का घोटाला कर दिया , राजीव गांधी विद्युतीकरण मिशन के अरबों रूपये , फीडर सेपरेशन योजना के करोड़ों रूपये हड़प और हाऊहजम करने तथा  उसके बाद अब रोजाना अंधाधुंध व अघोषित बिजली कटौती करने के पीछे ग्वालियर टाइम्स की इनवेस्टिंग टीम के सामने तमाम रहस्य पर्दाफाश हुये हैं , हम इस समसामायिक समाचार आलेख में आपको क्रमश: बतायेंगें कि उपचुनावों से लेकर स्थानीय निकाय चुनावों में किस कदर बिजली कंपनी जातिवाद और भ्रष्टाचार के आंकड़े फिट करने के लिये बिजली कटौती के हथियार का ही केवल इस्तेमाल नहीं करती बल्कि उलटे सीधे अर्जी फर्जी बिल भी बिजली कंपनी में बैठे लोकल अधिकारी कर्म चारी  किस तरह अंजाम देते हैं ..... क्रमश: जारी अगले अंक में  

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रविवार, 13 सितंबर 2020

मुरैना में मेडिकल कालेज खुलेगा, सी एम शिवराज की घोषणा

मुरैना | 12-सितम्बर-2020
   मुरैना के विकास में बड़े-बड़े आयाम जुड़ेंगे। विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन समारोह में शामिल होने पहुँचे मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुरैना को बड़ी-बड़ी सौगातें  दीं। उन्होंने कहा मुरैना में मेडीकल कॉलेज खोला जायेगा, जिससे मुरैना सहित पूरे जिले को बेहतर से बेहतर आधुनिक चिकित्सा सुविधायें मिल सकेंगीं। इसी तरह मुरैना शहर की पेयजल आपूर्ति के लिए 135 करोड़ रूपए की चंबल परियोजना को मंजूरी देने की घोषणा भी मुख्यमंत्री ने की। साथ ही मुरैना शहर में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से शानदार सभागार का निर्माण और मुरैना जिले के रिठौरा में महाविद्यालय खोलने की घोषणा भी इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा की गई।   
    मुरैना शहर एवं ग्रामीण के सुनियोजित विकास के लिये मंजूर हुए 268 करोड़ 59 लाख रूपए लागत के 27 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन मुख्यमंत्री श्री चौहान ने केन्द्रीय कृषि, पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर एवं राज्यसभा सांसद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ किया। जिनमें 184 करोड़ 60 लाख रूपए लागत के 8 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं लगभग 84 करोड़ रूपए लागत के विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने  लगभग दो दर्जन हितग्राहियों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत सहायता भी वितरित की। 
    लोकार्पण एवं भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार मिलकर विकास की नई इबारत लिख रही हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पौने दो लाख लोगों को पक्के घरों में गृह प्रवेश कराया है। विकास की यह श्रृंखला जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर की पहल पर चंबल क्षेत्र के चहुँमुखी विकास के लिये साढ़े 8 हजार करोड़ रूपए की चंबल अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। श्री चौहान ने कहा अटल प्रोग्रेस-वे केवल एक सड़क भर नहीं होगी, इसके दोनों ओर इंडस्ट्रीयल कोरीडोर स्थापित होगा। जिसके जरिए हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर के प्रयासों से ही भिण्ड व मुरैना जिले की सीमा पर सैनिक स्कूल खुलने जा रहा है। 
    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दोहराया कि प्रदेश सरकार इस मूल मंत्र के साथ काम कर रही है कि गरीब की थाली कभी न रहे खाली। इसके लिये सरकार 16 सितम्बर को महाअभियान के माध्यम से शेष गरीब परिवारों को एक रूपए प्रतिकिलो की दर से राशन देना शुरू कर देगी। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से कहा कि जिले में ढूंढ-ढूंढकर सभी शेष पात्र परिवारों का पता लगाएँ जिससे एक भी परिवार इस योजना से वंचित न रहे। श्री चौहान ने इस अवसर पर जानकारी दी कि सरकार ने सरकारी नौकरियों की भर्ती पर लगी रोक हटा दी है। जल्द ही पुलिस में भर्ती शुरू होगी। नौजवानों को रोजगार के अन्य अवसर मुहैया कराने के लिये भी सरकार पूरी शिद्दत के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा बंद कर दी गईं जनहित की तमाम योजनायें सरकार ने फिर से शुरू कर दी हैं। 
    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यह भी कहा कि सरकार फुटपाथ पर काम धंधा करने वाले मसलन बूट पॉलिस, सब्जी-फल बेचने वाले, दाड़ी बनाने वाले, कचौड़ी-समौसे बेचने वाले तथा रेढ़ी के जरिए अन्य छोटे मोटे काम धंधे करने वाले लोगों को 10 दृ 10 हजार रूपए की आर्थिक सहायता बिना ब्याज के मुहैया करा रही है। जिससे ये सभी लोग बेहतर ढंग से अपना काम धंधा कर सकें। श्री चौहान ने कहा बिजली बिल का बोझ कम करने के लिये पिछले बिजली के बिल स्थगित कर दिए हैं। अगले माह लोगों को केवल सितम्बर माह का बिल देना होगा।
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में किसान हितैषी सरकार काबिज है। सरकार इसी माह 18 सितम्बर को 20 लाख 4 हजार किसानों के खातों में फसल बीमा की 4 हजार 600 करोड़ रूपए की राशि जमा कराने जा रही है। सरकार ने बड़े पैमाने पर किसानों से समर्थन मूल्य पर सरसों, गेहूँ इत्यादि फसलों की खरीदी की है। 
    केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार लोगो की समस्याओं के समाधान व प्रदेश के विकास के लिये पूरी ईमानदारी के साथ काम कर रही है। मुरैना जिले के सुनियोजित विकास में भी नित नए अध्याय जुड़ रहे हैं। उन्होंने खासतौर पर मुरैना शहर में आगरा-मुम्बई राष्ट्रीय राजमार्ग पर फ्लाईओवर ब्रिज, मुरैना को नगर पालिका से नगर निगम बनाने, नवीन कलेक्ट्रेट व शहीद भवन का निर्माण, गाँव-गाँव में सड़कों का जाल, अटेर से लेकर श्योपुर मार्ग की राष्ट्रीय राजमार्ग में तब्दीली, मुरैना की पेयजल समस्या के समाधान के लिये अमृत योजना का जिक्र किया। केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने मुरैना में मेडीकल कॉलेज व अटल बिहारी वाजपेयी सभागार बनाने की मांग मुख्यमंत्री श्री चौहान से की, जिसे मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।
    राज्यसभा सांसद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान के पास संकट का समाधान करने के लिये बेहतर कार्यप्रणाली है तथा वे एक सच्चे जनसेवक तो हैं हीं। साथ ही विकासोन्मुखी सोच भी रखते हैं। इसी वजह से कि हम सबकी उम्मीदों के अनुरूप उन्होंने मुरैना के सीतापुर औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिये 101 करोड़ रूपए की सौगात दी है। इसी तरह पिपरसेवा में 55 करोड़ की योजना, नवीन कलेक्ट्रेट भवन, नूराबाद में 50 बिस्तरों का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और चंबल प्रोजेक्ट जैसी परियोजनाओं को उन्होंने मंजूरी दी है।
    पूर्व विधायक श्री रघुराज सिंह कंषाना ने इस अवसर पर स्वागत उदबोधन दिया। उन्होंने कहा कि 6 माह पहले प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद मुरैना में विकास की रफ्तार बढ़ गई है। श्री कंषाना ने क्षेत्र के विकास के लिये विभिन्न विकास कार्यों की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। 
इनकी रही मौजूदगी
    कार्यक्रम में प्रदेश के किसान कल्याण व कृषि विकास राज्य मंत्री श्री गिर्राज डण्डौतिया, पूर्व मंत्री श्री रूस्तम सिंह गुर्जर व श्री मुशीलाल, पूर्व सांसद श्री अशोक अर्गल, जिला पंचायत की प्रशासकीय समिति की अध्यक्ष श्रीमती गीता हरषाना, पूर्व विधायक श्री शिवमंगल सिंह तोमर व श्री कमलेश जाटव, चंबल कमिश्नर श्री आरके मिश्रा, पुलिस महानिरीक्षक श्री मनोज शर्मा, कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा, पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया तथा सर्वश्री योगेश पाल गुप्ता व अनिल गोयल अल्ली सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे ।  
इन विकास कार्यो का हुआ लोकार्पण
    मुरैना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 101 करोड़ 41 लाख रूपये की लागत से इंडस्ट्रियल एरिया सीतापुर क्षेत्र में विकास कार्य, 55 करोड़ 25 लाख रूपये की लागत से इंडस्ट्रियल एरिया पिपरसेवा, 15 करोड़ 8 लाख रूपये की लागत से नवीन कलेक्ट्रेट कार्यालय भवन एवं उप तहसील कार्यालय भवन का निर्माण,
    5 करोड़ 17 लाख रूपये की लागत से जरेरूआ नाला स्टॉप डेम निर्माण, 3 करोड़ 38 लाख रूपये की लागत से नूराबाद में 30 बिस्तर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं आवासीय भवन का निर्माण कार्य, 2 करोड़ 52 लाख रूपये की लागत से जिला पुनर्वास दिव्यांग केन्द्र, 92 लाख रूपये की लागत से जिला चिकित्सालय में 10 बिस्तर का आईसीयू वार्ड एवं 87 लाख रूपये की लागत से शासकीय हाई स्कूल जखौनागढ़ी मुरैना का लोकार्पण मुख्यमंत्री श्री चौहान एवं अन्य अतिथियों द्वारा किया गया।  
इन कार्यों का हुआ भूमिपूजन
    मुरैना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 2 करोड़ 85 लाख रूपये की लागत से पढावली से हंसराजपुरा मार्ग, 2 करोड़ 41 लाख की लागत से बमरौली से सांगौली सिद्ध स्थल मार्ग, 2 करोड़ 10 लाख रूपये की लागत से शनिधाम से बहरोली मार्ग, एक करोड़ 95 लाख रूपये की लागत से बिचौला से ज्वाला का पुरा खडि़याहार का पुरा नाके का पुरा मार्ग, एक करोड़ 68 लाख की लागत से परीक्षा से देवालय से चक किसनपुर मार्ग, एक करोड़ 67 लाख रूपये की लागत से बमूर बसई का मजरा जद्दे का पुरा से सुमावली मार्ग, एक करोड़ 63 लाख की लागत से ग्राम भैंसोरा से प्रतापपुरा मार्ग, एक करोड़ 62 लाख रूपये की लागत से गब्बरसिंह का पुरा से अरूआ का पुरा मार्ग, एक करोड़ 2 लाख रूपये की लागत से सीतापुर कोरीडोर से खेरवाया मार्ग, 96 लाख रूपये की लागत से परीक्षा से बम्होरा मार्ग, 90 लाख रूपये की लागत से नगर परिषद बानमौर में सड़क एवं नाली निर्माण कार्य, 66 लाख रूपये की लागत से पड़ावली से हंसराजपुरा से भीकमपुरा मार्ग, 59 लाख रूपये की लागत से डाक का पुरा से पहलवान का पुरा मार्ग, 18 करोड़ 62 लाख रूपये की लागत से नगरीय क्षेत्र मुरैना में नाली सड़क एवं अन्य निर्माण कार्य, 90 लाख रूपये की लागत से नगर परिषद बानमौर में नाली सड़क निर्माण, 17 करोड़ 96 लाख रूपये की लागत से पंचायत एवं ग्रामीण विकास जिला पंचायत द्वारा लघु विकास कार्य, 24 करोड़ 31 लाख रूपये की लागत से परीक्षा लघु उदवहन सिंचाई योजना, 21 करोड़ 2 लाख रूपये की लागत से पढ़ावली लघु उदवहन सिंचाई योजना और 18 करोड़ 62 लाख रूपये की लागत से नगरीय विकास के लिये नाली सड़क व अन्य निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया