रविवार, 20 दिसंबर 2015

फेसबुक पर कृपया इस प्रोफाइल में अब मित्रता अनुरोध न भेजें , हमारी अन्य प्रोफाइलें भी हैं , कृपया वहॉं जाकर हमसे जुड़ें - एक विनम्र अनुरोध - नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द''

This Post already Published yesterday at my Facebook Profile https://www.facebook.com/narendrasinghtomar/ and also at automatically tweeted by Facebook at my Twitter Account https://twitter.com/narendra_singh and already shared some super top official of Govt. of India . Now it is Broadcasting through our wireless over to air system to throughout the world and releasing also through Gwalior Times worldwide with our channel partners Google and 300 more worldwide partners of our network. its copy through broadcasting also sending to C. B. I. Madhya Pradesh and also to officials of Lokayukt of Madhya Pradesh with All Ministers og Govt. of India and other States with Madhya Pradesh All concerned I. A. S's and I. P. S.'s. with Prime Minister of India, All Super Top Politicians and officials of All Parties and Govt's. Look just it is Published yesterday .
फेसबुक पर कृपया इस प्रोफाइल में अब मित्रता अनुरोध न भेजें , हमारी अन्य प्रोफाइलें भी हैं , कृपया वहॉं जाकर हमसे जुड़ें - एक विनम्र अनुरोध - नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द''
प्रिय मित्रगण , फेसबुक की हमार इस प्रोफाइल पर आपके रोजाना निरंतर व दनादन मित्रता निवेदन मिल रहे हैं, और कुछ अनावश्यक या आवश्यक टैगिंग भी बहुत ज्यादा मिल रही है । अत: यह अनुरोध लिखना आवश्यक प्रतीत हुआ । दरअसल एक तो हमारी यह प्रोफाइल वर्षों से मित्रता सूची के तौर पर 5 हजार मित्रों की पूरी संख्या से भरी पूरी होकर एकदम से फुल चल रही है । एकाध दो चार कभी कोई मित्र कम होता है तो हम नया कोई मित्र उसमें जोड़ कर फिर पूरी 5 हजार कर देते हैं । अभी हमने देखा कि इस समय करीब 500 से ज्यादा मित्रता अनुरोध स्वीकृति के लिये लंबित हैं । अत: दो बातें हम कहना चाहेंगें कि एक तो यह कि जो हमारे बहुत वर्षों से पुराने मित्र हैं और हमसे जुड़े हैं , उन्हें हम अपनी सूची से हटाना नहीं चाहते , यहॉं तक कि हमारे पुराने मित्र प्रसिद्ध पत्रकार स्व. आलोक तोमर और बंगाल के शंभूनाथ पाण्डेय जी को उनके निधन के बाद भी हमने अपनी सूची से आज तक विलोपित नहीं किया यानि हटाया नहीं है , उनसे इस फेसबुक पर हमारी बहुत सी यादें जुड़ी हैं । इसी प्रकार यह भी कि जो निष्क्र‍िय मित्र हैं और हमें यह लगता है कि उन्हें हमारी मित्र सूची में रखने या न रखने का कोई औचित्य नहीं है और वे कभी हमारी प्रोफाइल की ओर आते भी नहीं , उनके संबंध में हटाये जाने व सूची खाली किये जाने संबंधी निर्णय हम अब अगले साल ही यानि जनवरी 2016 में ही लेंगें , कम से कम इस साल तो कतई नहीं , और इस साल के समाप्त होने में महज अब 12 दिन बाकी हैं । तीसरी अहम बात यह कि हमारे फैसलों के पीछे हमारा मन , आत्मा , ईश्वरीय , शास्त्रीय व ग्रंथों में में उपलब्ध सिद्धांत , कुदरत के इशारे आदि काम करते हैं , हम तदनुसार ही अपने फैसले करते हैं और विशेषकर ज्योतिष इसमें अहम भूमिका अदा करता है , और ज्योतिषीय सिद्धांतों व संकेतों के आधार पर अपने कार्य व निर्णय तय करते हैं । जनवरी में बहुत बड़े दो ज्योतिषीय परिवर्तन होने जा रहे हैं , तथा 22 दिसंबर से सूर्य उत्तरायण होने जा रहे हैं और देवताओं की रात्रि समाप्त होकर उनका दिन शुरू होगा व राक्षसों का दिन समाप्त होकर उनका रात्रिकाल शुरू होगा और सब बदलावों पर हमारी गहरी नजर है , उसके बाद का गणि‍त फलित क्या कहता है , इसके विश्लेषण के बाद ही हम अपने कार्य व नीतियों का निर्धारण करेंगें । तब फैसला लेंगें कि अपनी फेसबुक मित्रसूची से किसे निकालें और किसे जोड़ें । तथा असली जीवन में भी अपनी कार्य व नीति निर्धारण करेंगें । यही वह खास वजह है कि हमारी टेबल पर मुरैना जिला से संबंध रखने वाले दो बहुत बड़े पुलिस केस दर्ज कराये जाने हेतु लंबित हैं , जो बड़े बड़े तीस मरखाओं के न केवल होश उड़ा देंगें , वरन उन्हें राजा से रंक बना कर जेल तक पहुँचा देंगें , दोनों ही केस बहुत बड़ी व बहुत छोटी हस्त‍ियों से ताल्लुक रखते हैं । किन्तु इन्हीं ज्योतिषीय व ईश्वरीय सिद्धांतों , संकेतो व नीतियों पर अमल करने की हमारी आदत बहुत पुरानी है , लिहाजा उन्हें भी हम लंबे समय से रोके हुये हैं , हमारी आदत चौतरफा हमला करने की है , हम चारों ओर से घेरकर मारते हैं या मौत के घाट उतारते हैं । और तीन तरफा घेरा हम पहले से ही डाल चुके हैं , बस अब सीधा हमला बाकी है । जब इतने महत्वपूर्ण कार्य को हमने रोका हुआ है , जिसमें ऐसे महत्वपूर्ण व जीतने वाले श्रेयपूर्ण कार्यो के लिये लोग तरसा करते हैं , ऐसे न जाने कितने काम हम कर चुके हैं , लेकिन नाम से या प्रचार से बचते हैं । लिहाजा हमारा टारगेट केवल टारगेट रहता है , उसका चर्चा नहीं । नाम तो हमारा पहले से ही बहुत नामवर कह लीजिये या बदनाम कह लीजिये , बहुत जबरदस्त विख्यात या कुख्यात हैॅ । अत: जिसे मारना है, बचाना हैॅ सब काम अगले साल ही करेंगें । दूसरे चूंकि अब हमारे पास व्यस्तता और काम की बहुत ज्यादा मसरूफियत है , हमें न केवल मीडिया का ही वरन , घर परिवार , खेती बाड़ी, वकालत, गांव , रिश्तेदारी , व्यवहार सहित तमाम भूमिकायें निभाने के साथ , परेशान प व मजलूम लोगों को सुनना व उनकी समस्या का समाधान व निराकरण भी करना पड़ता है , कभी कभी कई गांवों में जाकर पंचायतें सुननी पड़ती व उनमें अपने फैसले सुनाने पड़ते हैं । दूसरे चूंकि अब आगे अले साल से और बड़ी कुछ जिम्मेवारीयां आने वाली हैं , कुछ पारिवारिक तो कुछ व्यावसाय‍िक , कुछ संपत्त‍ि संबंधी , अत: अब व्यस्तता और ज्यादा बढने वाली है । उधर ग्वालियर में मकान बनना है , दिल्ली में जबरदस्ती अपने आप ही कुलदेवी की कृपा व आशीर्वाद से आश्रम शुरू हो गया है , वहां भी अब दौड़धूप लगातार रहेगी , दिल्ली का दूसरा दौरा भी जनवरी में करना है । वहॉं और भी कुछ दैवीय कृपा से कुछ गोपनीय व बहुत बड़े काम निबटाने हैं । लिहाजा दूसरी बात यह कि राजनीति से हम स्वयं बाहर निकल कर या छोड़ कर आये हैं , अत: राजनीतिक दल यह उम्मीद कतई न करे कि हम उनकी मर्जी से कोई काम करेंगें या कुछ लिखेंगें । मुरैना का बिजली विभाग हम पर खासा मेहरबान है, जिसकी तमाम अनिराकृत कंपलैंटस पहले से ही दर्ज हैं,ओर दो कंपलैंटस भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार व कार्मिक मंत्रालय में दर्ज हैं जो आज तक अनिराकृत हैं , जिनमें से एक कंपलैंट सीधे मुरैना सांसद, मुरैना कलेक्टर व ऊर्जा विभाग म.प्र. के प्रमुख सचिव सहित कई अन्य लोगों के विरूद्ध दर्ज है , जो कि अभी कार्यवाही के आधीन है । इस कंपलैंट के बाद तो जैसा आमतौर पर भारत में होता है , वही धमकाना , आतंकित करना और कंपलैंट वापस लेने के लिये हर किस्म की जोर आजमाइशें व पूरी ताकत लोग लगाते हैं सो लगाई जा रहीं हैं , हमारी बिजली लिहाजा जरूररत से ज्यादा रोजाना जानबूझ कर काटी जा रही है । खैर चुकि भ्रष्टाचार व सरकारी नाकारापन सरकारी बदतमीजी से जंग लड़ने के हम बहुत पुराने जंगबाज हैं , और धूल चटा कर जमींदोज कर नाम नक्शा इतिहास भूगोल सब मिटा देने का हमारा बहुत पुराना इतिहास है , वह तो खैर हम निबट ही लेंगें । ये तो बहुत ही छोटे जीव जंतु हैं जो अपनी जात व औकात के साथ अपने पदों की पॉवर दिखा रहे हैं , और यह सब हम बहुत बार बहुत सी ऐसी जंगों में देख चुके हैं और उनके अंजाम भी लिख चुके हैं । खैर माजरे से वाकिफ हैं हम, मगर अंजाम से वाकिफ नहीं है वे , हमारी पुरानी हिस्ट्री देख लेते या पता लगा लेते तो शायद ऐसी हिमाकत और जुर्रत न करते । बस यही अनुरोध है आप सबसे कि कृपया अभी नवीन मित्रता निवेदन यहॉं फेसबुक पर न भेजें , फिलहाल इस साल न हम किसी को हटाने जा रहे हैं और न जोड़ने , जो हैं सो फिलवक्त जस के तस ही रहेंगें , अगर एकाध दो चार कम हुये तो उसकी पूर्ति अवश्य कर देंगें । चूंकि म.प्र. या मुरैना में या विशेषकर हमारे यहां बिजली का कोई भरोसा नहीं रहता और नये साल पर बिजली रहे या न रहे अत: बीते और जाते साल 2015 की विदाई की इस घडी में आप सभी को नवीन आगत वर्ष 2016 की अग्रिम शुभकामनायें व बधाईयां जय श्री कृष्ण ... जय जय श्री राधे - आपका अपना नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द''

शुक्रवार, 20 नवंबर 2015

गीत वह सुनिये या गाईये , जिसका असर ऊपर आसमां से नीचे पाताल तलक हो , शादी विवाह की बुनियाद है प्यार व विश्वास, और प्यार व विश्वास की बुनियाद है मोहब्बत , मोहब्बत करने के लिये दिमाग की नहीं अलबत्ता दिल की बहुत जरूरत होती है



फिर से ग्रहों के बदलाव का व उलटफेरी का दौर शुरू होगा, और फिर से बदलेंगीं चालें , राहें मंजिलें
गीत वह सुनिये या गाईये , जिसका असर ऊपर आसमां से नीचे पाताल तलक हो , शादी विवाह की बुनियाद है प्यार व विश्वास, और प्यार व विश्वास की बुनियाद है मोहब्बत , मोहब्बत करने के लिये दिमाग की नहीं अलबत्ता दिल की बहुत जरूरत होती है
नरेन्द्र सिंह तोमर ‘’आनन्द’’

आज के दोनों ही विषय एक दूसरे से जुदा और अलहदा हैं , मगर दोनों ही आज के दौर की निहायत जरूरत हैं । चलिये दोनों ही विषयों को आज उठाते हैं ।
ग्रहों का फेरबदल और बदलाव , साथ ही बदलेंगीं तमाम चालें
आसमानी ग्रहों के तमाम परिवर्तन हालांकि बड़े परिवर्तन तो जनवरी के महीने में और मार्च 2016 के महीने में होंगें , लेकिन हल्के व छोटे परिवर्तनों का दौर अभी नवंबर के 2015 के ही दरम्यां शुरू हो जायेगा ।
वर्तमान में ग्रहों की विचित्र स्थति यह है कि मंगल , शुक्र व राहू तीनों एक साथ एक ही राशी में चल रहे हैं यानि कन्या राशी में ।
ग्रहों की यह सूरत करीब 9 प्रकार के योगों को जन्म देती है, यह निर्भर करता है कि किसी मात्रा या अंश या ताकत कितनी है और कौन कितना बलवान या कमजोर चल रहा है ।
कीचड़ योग दरअसल यह मूल योग है, आपकी जन्मकुंडली में यदि यह तीनों साथ आ जायें तो जिस जगह बैठेंगें उस जगह को कीचड़ से भर देंगें , अब यह कीचड़ कैसी होगी , गंदी बदबूदार, काली, या कितनी सूखी , कितनी बदबू या कितनी काली या बहुत ज्यादा भारी या बहुत ज्यादा हल्की फुल्की यह निर्भर करता है आपकी जन्मकुंडली में एक साथ बैठ जाने पर , किस भाव में कितना बलवान या कमजोर होकर कोई ग्रह बैठा है ।
खैर यह योग अभी 30 नवम्बर से टूट जायेगा , चूंकि राहू इस समय कमजोर हालत में होकर महज 3 अंश पर हैं इसलिये सूरत ज्यादा घातक या नुकसानदेह नहीं है , मगर नाली तो नाली है , काली है, कीचड़ है, कन्या राशी में होकर इस समय बह रही है या गुजर रही है ।
शुक्र 30 नवंबर को राशी बदलकर तुला में यानि खुद के घर अपनी ही राशी में प्रवेश करेंगें । जबकि मंगल दिसम्बर में 23 दिसम्बर को राशी बदलेंगें और तुला राशी में प्रविष्ट होंगें । यानि कि 30 नवंबर के बाद कीचड़ पूरी तरह से सूख जायेगा , और महज काला सूखा कीचड़ या काली मिट्टी पड़ी रह जायेगी ।
कुछ वक्त से सर्प दिखाई देने के सपने जिन लोगों को आ रहे होंगें , वह या तो अब बंद हो जायेंगें या सिर्फ मरे हुये सर्प मिट्टी में गड़े हुये या उस पर छोटे मोटे बच्चा रूप में रेंगते चलते नजर आयेंगें जिन्हें महज तिनकों से मार कर मिट्टी में दबा देने का दृश्य नजर आने लगेगा । दिसंबर में ही सूर्य के उत्तरायण होते ही सर्प स्वप्न एकदम से आने बंद हो जायेंगें और अब तक जो जो भी देखा होगा वह जनवरी के बाद फरवरी 2016 से हकीकत में तब्दील होना शुरू हो जायेगा । 6 दिसंबर से बुध का धनु राशी में प्रवेश होगा , वहीं सूर्य 16 दिसंबर से धनु राशी में प्रवेश करेंगें ।
ग्रहों की बड़ी उलटफेर जनवरी में 8 जनवरी 2016 से शुरू होगी , गुरू सिंहस्थ रहकर तकरीबन राशी बदलते बदलते एकदम से मृतप्राय: से होकर  ही वक्री हो जायेंगें । और पुन: सिंह राशी में ही टिके रहेंगें , गुरू की यह वक्र गति वह भी उस वक्त जब उन्हें राशी बदलकर कन्या राशी में जाना है , एकदम से उल्टा वापस सिंह राशी में लौटना और वक्री चाल के तमाम अर्थ व महत्व होंगें ।
दूसरा बड़ा परिवर्तन 29 जनवरी 2016 से होगा जब राहू और केतु राशी बदलेंगें । राहू का प्रवेश सिंह राशी में होगा और केतु का प्रवेश कुम्भ राशी में होगा ।
तीसरा बड़ा ग्रह परिवर्तन मार्च 2016 के महीन में उस वक्त होगा जब शनि 25 मार्च 2016 को वक्री होंगें ( वर्तमान में शनि 13 नवंबर 15 से अस्त चल रहे है और 16 दिसंबर 15 तक अस्त रहकर 16 दिसंबंर को ही उदित होंगें ) उल्लेखनीय है कि 16 दिसंबर को ही सूर्य यानि शनि के पिता राशी बदलेंगें ।     
शादी की बुनियाद है प्यार व विश्वास , और प्यार व विश्वास की बुनियाद है मोहब्बत , मोहब्बत के लिये दिमाग नहीं दिल चाहिये
यह विषय सीधे सीधे हमारे पूर्ववर्ती आलेख मंत्र कुमंत्र , शब्द , स्वर व ध्वनि व कुदरत व कायनात से गुरती हर प्रकार की तरंग से जुड़ा हुआ या उसका ही एक अंग है ।
शादी विवाह या प्रेम पारस्परिक जुड़े हुये व सालग्नि‍क विषय हैं । जिन पर पृथक नजरिया पृथक्कीयकरण को , वियोग को या तलाक को या बन्य किसी विकट व अप्रिय स्थति को जन्म देता है ।
पृथक्करण, विरह , वियोग, तलाक या अन्य अप्रिय हालात के योग न केवल जन्मकुंडली में ह मौजूद रहते हैं अपितु उस वातावरण या हालातों को भी पैदा कर देते हैं जिनसे यह सब अप्रिय हालात आसानी से पैदा हो जायें ।
इन सबका असर आने वाली पीढ़ी या संतान पर भी मनोवैज्ञानिक रूप से या परिस्थतिजन्य होकर पड़ता है जिसके आने वाले दौर या आने वाले वक्त में परिणाम भीषण व भयंकर ही होते हैं । खैर फिलहाल चलिये सुनिये एक मधुर पुराना गीत ब्राडकास्ट करते हैं , उसे सुनिये , ऐसे ही मधुर गीत व संगीत मंत्र की श्रेणी में आते हैं , आजकल इस प्रकार के गीतों का आना व बनना बेशक बंद हो गया है और गीत संगीत युक्त मंत्र का स्थान शोरगुल , चीख चिल्लाहट, झल्लाहट व मानिसिक विकृतियुक्त या मानसिक विकृतियां पैदा करने वाले व सामाजिक संरचना को नष्ट भ्रष्ट करने वाले तथा कथि‍त गीत संगीत ने ले लिया है , मगर हमारी सलाह है कि न कभी इस प्रकार आसुरी व कुमंत्र युक्त गीत संगीत को सुनें और न ऐसी फिल्मों को ही देखें । वरना अंजाम तय है और परिवेश व हालात भी तदनुसार ही बन जायेंगें । फिलवक्त एक मंत्रमय मधुर गीत ब्राडकास्ट कर रहे हैं ..... यह आलेख श्रंखला जारी रहेगी .... क्रमश: अगले अंक में 

मंगलवार, 17 नवंबर 2015

ग्वालियर टाइम्स ने पूरे किये 11 साल , आज से बारहवीं साल में प्रवेश अकेले चले थे जानिब ए मंजिल मगर , लोग साथ आते गये , कारवां बनता गया



ग्वालियर टाइम्स ने पूरे किये 11 साल , आज से बारहवीं साल में प्रवेश
अकेले चले थे जानिब ए मंजिल मगर , लोग साथ आते गये , कारवां बनता गया
विशेष सम्पादकीय
नरेन्द्र सिंह तोमर ‘’आनन्द’’

हम चाहे रहें न रहें , चाल हमने वह चली है दोस्त कि पसेमर्ग हमें सदा याद करेंगें ।
काम हमने वह किया और वह करेंगें,  जमाने में नाम लोग हमारा सदा याद करेंगें ।।
सन 2004 में 16 नवम्बर को ग्वालियर टाइम्स वेब पोर्टल का पंजीयन होने के साथ ही एक बहुत छोटी सी शुरूआत हमने आज से 11 साल पहले की थी ।
आहिस्ते आहिस्ते अपने काम के दम पर ग्वालियर टाइम्स ने अपना नाम भी कमाया और वेब की दुनियां में अपने नाम का सिक्का व धाक जमा ली ।
सन 2011 में नवम्बर तक लगातार सन 2004 से लेकर ग्वालियर टाइम्स डॉट कॉम डोमेन पर चलती रही , उसके बाद कुछ परिस्थि‍तियां ऐसीं बनीं कि ग्वालियर टाइम्स के हाथ से डॉट कॉम डोमेन निकल गया , महज तीन दिन की चूक हुई और बरसों से चल रहा डॉट कॉम डोमेन ग्वालियर टाइम्स के हाथों से निकल गया , उसके बाद आगे एकाध साल ग्वालियर टाइम्स डॉट कॉम को छोड़कर , डॉट को डॉट इन पर चलती रही ।
इधर कुछ बरस राजनीतिक वापसी करके उसमें समय बर्बाद हुआ और ग्वालियर टाइम्स पर ध्यान देने का वक्त नहीं मिला , फिर अंतत: दीर्घकालिक अनुभव के बाद हमने यह निर्णय लिया कि राजनीति को छोड़ कर पूरा ध्यान ग्वालियर टाइम्स पर ही लगाना होगा । और ग्वालियर टाइम्स को डॉट इन डोमेन पर स्थि‍र किया । और इस साल भी ज्यादा वक्त राजनीति से या राजनीतिक पापों से पिण्ड छुड़ाने में गुजर गया ।
खैर हमारे 11 साल के इस सफर में जब ग्वालियर टाइम्स डाट कॉम डोमेन पर काम कर रही थी तब 86 लाख हिटस लेकर अपना रूतबा बुलंद किये हुये थी और एक जलजला व एक जलवा बिखेर कर वेब दुनिया के मैदान ए जंग में अपना परचम सारी दुनिया में बिखेरे हुई थी । ग्वालियर टाइम्स का एक खास पेज चम्बल की आवाज वेब पर बहुत प्रसिद्ध हिट रहा है । ग्वालियर टाइम्स जहॉं 85 लाख हिटस खींच रही थी , तो चम्बल की आवाज जो कि ग्वालियर टाइम्स का महज  एक छोटा सा हिस्सा थी , उस समय 35 लाख हिटस लेकर अपना एक अलग ही रूतबा बनाये हुये थी ।
खैर अब तो ग्वालियर टाइम्स डॉट इन डोमेन पर है । और इसी पर भविष्य में सदैव स्थ‍िर रहेगी ।
11 साल की अल्पावधि‍ में हमने बहुत कुछ देखा , ग्वालियर टाइम्स का तो रूतबा और बुलंदी निरंतर बढ़ती ही रही , बढ़ती ही गई, बढ़ती ही जा रही है , तब जब हमने  काम शुरू किया था तब काम करना और वेब ट्रेफिक पाना बहुत कठिन काम था , आज की तारीख में वही काम तकरीबन एक लाख गुना ज्यादा आसान हो गया है । आज करो़ड़ों हिटस लेना व वेब ट्रेफिक हासिल करना बहुत आसान है, आज काम करने के तरीके बहुत बदल गये हैं , बहुत से बदलाव आ गये हैं । और चूंकि स्वयं इंजीनियरिंग व टैक्नॉलॉजी में एक्सपर्ट होने के कारण हमने स्वयं ही बिना संसाधनों के ही अनेक अत्याधुनिक टैक्नालॉजीयों का प्रयोग आज से दस साल पहले शुरू किया था , खैर अब तो नया बहुत कुछ करना है , और साल भर से पहले यानि कि जब ग्वालियर टाइम्स अपने 12 साल पूरे करे तो , एक अदद व खास मुकाम व बेहतरीन उदाहरण व प्रेरणा स्त्रोत के रूप में ग्वालियर टाइम्स खड़ी हो ।  
इस दरम्यां बहुत से लोग ग्वालियर टाइम्स में आये और गये , कई टीमें बनीं बिखरीं , खैर यह सब व्यवसाय का एक हिस्सा है । और ग्वालियर टाइम्स रही हो चाहे नेशनल नोबलयूथ अकादमी , अपने नियमों , शर्तो , उसूलों पर कभी समझौते नहीं करती , यह इतिहास ही हमारी बुलंद धरोहर रही है ।
जिसने भी ग्वालियर टाइम्स में या नेशनल नोबल यूथ अकादमी में आकर खुदा बनने की या राजनीति करने की हिमाकत की या अन्य किसी तरह से अपना महत्व दिखाने की कोशि‍श की , ग्वालियर टाइम्स और नेशनल नोबल यूथ अकादमी ने उठा कर उसे न केवल बाहर फेंक दिया बल्क‍ि धूल में भी मिला दिया ।
खैर लोगों का आना जाना किसी भी व्यावसायिक संस्थान की नियमित व एक चालू प्रक्रिया रहती है । बस इतना बहुत खूब रहा कि न कभी नेशनल नोबलयूथ अकादमी ने और न कभी ग्वालियर टाइम्स ने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता किया , न कभी किसी के सामने सिर झुकाया । एक विश्वसनीयता व योग्यता साबित की व कमाई ।
अपने से ज्यादा योग्य व अनुभवी के सामने झुको , विेवेक बुद्धि व चातुर्य जागृत रखकर ही इस दुनिया में टिका जा सकता है , चाहे वह वेब की दुनिया हो या असल वास्तविक दुनिया हो । ग्वालियर टाइम्स को और नेशनल नोबलयूथ अकादमी को दोनों ही कामों का गहरा मैदानी अनुभव है , असल धरातल पर भी और आकाशीय आसमानी दुनिया का भी ।
मात देने की कोशि‍श ही आपको मात दिलाती है । खैर यह खुशी की बात है कि नेशनल नोबलयूथ अकादमी भी बरसों बाद अगले साल यानि सन 2016 में अपना मैदानी काम दोबारा शुरू करने जा रही है । चूंकि ग्वालियर टाइम्स और नेशनल नोबल यूथ अकादमी का अटूट व माता पुत्री पुत्र जैसा एक पारिवारिक रिश्ता है । अत: बेशक ही दोनों ही अब एक दूसरे के लिये मददगार साबित होंगें ।
जिन लोगों ने हमारे साथ पिछले समय में कभी भी काम किया उन सभी को , अपनी आज की टीम को , आने वाली नई टीम को , अपने सहयोगीयों व साथि‍यों , पाठकों, दर्शकों के प्रति हृदय से आभार व कृतज्ञता ज्ञापित करते हैं । और आने वाले वक्त में चूंकि बहुत बड़े बदलावों की प्रक्रिया और उन्नति‍ व प्रगति के नये पथ पर नये परचम फहराने के लिये आपकी अपनी ग्वालियर टाइम्स और नेशनल नोबलयूथ अकादमी दोनों ही तैयार हैं । वर्ष सन 2016 में बहुत कुछ करके बहुत कुछ नया पाना है , हमारे पास देने को भी बहुत है और पाने को भी बहुत है, और बारहवां साल पूरा करके तेरहवें साल में दम रखना है , इसी की तैयारी के साथ आपके पूर्ववत सहयोग, प्यार व साथ की सदैव ही नेशनल नोबलयूथ अकादमी को और ग्वालियर टाइम्स को आवश्यकता रहेगी ।
इब्ति‍दा ए इश्क है, रोता है क्या , आगे आगे देखि‍ये कि होता है क्या .....
हवायें लाख रोकें रास्ता आंधीयां बनकर , मगर वो छा ही जाते हैं, जो बादल घि‍रकर आते है ....... 
आपका अपना
नरेन्द्र सिंह तोमर ‘’आनन्द’’
17 नवम्बर 2015    

शुक्रवार, 30 अक्तूबर 2015

व्रत , उपवास नियम विधान एवं कार्तिक स्नान व करवा चौथ व्रत विधान एवं प्रक्रिया वर्णन

ग्वालियर टाइम्स की इस फिल्म में समस्त प्रकार के व्रतों एवं उपवास आदि को कैसे करें , इसकी प्रक्रिया, नियम, आचरण, व्यवहार व विधान आदि का वर्ण किया गया है , प्रस्तुत फिल्म में सनातन धर्म में किये जाने वाले व्रत उपवास आदि की विस्तृत व्याख्या की गई है , इस फिल्म में ही करवा चौथ व्रत करने एवं कार्तिक स्नान करने का महत्व एवं पद्धति एवं विधी व विधान सहित करवा चौथ व्रत करने , कार्तिक स्नान करने की संपूर्ण प्रक्रिया पर प्रकाश डाला गया है - स्वर एवं उच्चारण - नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द''  






Presented By Gwalior Times
www.gwaliortimes.in/
ग्वालियर टाइम्स प्रस्तुत करती है
https://www.youtube.com/playlist?list=FLoQpkHHHw1d113G6y2FN_Jw

ग्वालियर टाइम्स प्रस्तुति : www.gwaliortimes.in/
ग्वालियर टाइम्स फिल्म्स एंड टी.वी. सीरियल प्रोडक्शन हाउस : http://www.gwaliortimes.in/gwalior_times_films_and_t_v.htm

रविवार, 25 अक्तूबर 2015

TAAL THOK KE ZEE NEWS 23 10 15 AVANISH SINGH







सुनपेड मामले ने तमाचाई मोड़ लिया , शुरूआती इन्वेस्ट‍िगेशन में मामले में
जबरदस्त टर्न आया , दलितों का उत्नीड़न नहीं बल्क‍ि नेता कर रहे हैं फर्जी
दलित सियासी उत्पीड़न
मामले में मोड़ आने संबंधी एक अति महत्वपूर्ण खबर ब्राडकास्ट से आ रही है .... बहुत से सबूत मिले हैं कि सुनपेड का यह एक फर्जी दलित सियासी मामला था और नेताओं द्वारा राजनीतिक फायदे के लिये इसे कुछ का कुछ बना दिया गया , बुरी तरह फंसे पी. एल. पुनिया सहित तमाम नेता ....... और सबूत बाद में ... पहले लीजिये देख लीजिये यह वीडियो ..... वीडियो जी. टी.वी. का है ..... जी . टी.वी. के इस वीडियो को देख लीजिये उसके बाद आगे की खबर ....... आगे बतायेंगें        https://youtu.be/qSEEdlrmQPU

शनिवार, 24 अक्तूबर 2015

शुक्रवार, 4 सितंबर 2015

A.B.V.P. की गुण्डागर्दी से परेशान और हलकान हुये मुरैना शहर के अफसर, मुख्यमंत्री के नाम पर करोड़ों रूपये की चंदा वसूली करने निकले ए.बी.वी.पी. के गुण्डे

A.B.V.P. की गुण्डागर्दी से परेशान और हलकान हुये मुरैना शहर के अफसर, मुख्यमंत्री के नाम पर करोड़ों रूपये की चंदा वसूली करने निकले ए.बी.वी.पी. के गुण्डे
मुरैना के M.G.M. कॉलेज के नाम पर चलाई गई खबर सरासर फर्जी , मामला चंदा वसूली से जुड़ा , प्रशासन मौके पर था मौजूद , रूटीन जॉंच में पकड़े गये दो नकलची छात्र , और ए.बी.वी.पी. ने फैलाया गुंडागर्दी का सैलाब , कॉलेज प्रशासन को बदनाम करने के लिये फैलाया सामूहिक नकल का षडयंत्र
- नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द''
मुरैना 3 सितम्बर 15 , आज कुछ व्हाटस एप्प पोस्टों और कुछ जगह चलाई गई मुरैना एम.जी.एम. कॉलेज में ए.बी.वी.पी. द्वारा सामूहिक नकल को लेकर हंगामा शीर्षक से खबर सरासर निराधार , असत्य व फर्जी निकली ।
ग्वालियर टाइम्स द्वारा महाविद्यालय प्रशासन स्तर पर एवं जिला प्रशासन स्तर पर इस संबंध में तहकीकात व तफ्तीश की गई, और सारा मामला ए.बी.वी.पी. द्वारा म.प्र. के मुख्यमंत्री के नाम पर शहर भर के अफसरों एवं स्कूलों कॉलेजों सहित अन्य प्रतिष्ठानों / संस्थानों को डरा धमका कर फर्जी व अवैध चन्दा वसूली का निकला ।
प्रकरण की पुष्ट‍ि स्वयं हमारे द्वारा की गई, प्राप्त जानकारी व विश्वसनीय स्त्रोतों से खबर की पुष्ट‍ि हुई , 6 तारीख को म.प्र. के मुख्यमंत्री के मुरैना आगमन के कार्यक्रम को लेकर , ए.बी.वी.पी. के गुण्डे पिछले कुछ दिनों से शहर में गुण्डागर्दी और दंगा फसाद फैला कर शहर के अफसरों और प्रतिष्ठानों से जबरन चन्दा वसूली और रंगबाजी कर रहे हैं , मामले में ज्ञात हुआ है कि करोड़ों रूपये का चन्दा अब तक ए.बी.वी.पी. के गुण्डे कर रहे हैं ।
मामला हाई लेवल तक पहुँचा -
एम.जी.एम. जैसे प्रतिष्ठ‍ित महाविद्यालय का नाम आते ही मामला एकदम से न केवल बहुत हाई लेवल तक पहुँच गया बल्क‍ि , भारत सरकार, म.प्र.शासन, जिला प्रशासन , पुलिस, आर.एस.एस. मुख्यालय व भारतीय जनता पार्टी के केन्द्रीय कार्यालय सहित स्वयं केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर भी हरकत में आ गये और पहले तो सुन कर ही सन्न रह गये , फिर ए.बी.वी.पी. के गुण्डों से सख्त नाराज हो गये । यदि ए.बी.वी.पी. के गुण्डे एम.जी.एम. कॉलेज तक न पहुँचते तो शायद दबा रहता मामला । मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से अब ए.बी.वी.पी. के सारे गुण्डों को दूर रखा जायेगा , और कार्यक्रम में प्रवेश नहीं दिया जायेगा और उनकी चंदा वसूली की पाई पाई का मय चक्रवृद्धि ब्याज हिसाब किया जायेगा । ऐसी सख्त हिदायतें ऊपर से जारी कर दी गई हैं ।
किसने क्या कहा - 
कोई सामूहिक नकल वकल नहीं , सारा मामला चन्दे से जुड़ा है , जबरन चन्दा वसूली कर रहे थे , देने से मना किया तो यहॉं हंगामा करने लगे । गुडागर्दी फैलाने लगे सारी परीक्षा को डिस्टर्व करने लगे , पूरी परीक्षा कार्य में व्यवधान डाल कर परीक्षा को औेर परीक्षार्थीयों को शोरगुल कर डिस्टर्व करने लगे , लिा प्रशासन और पुलिस मौके पर मौजूद थे और परीक्षार्थीयों का नियमित रूटीन परीक्षा निरीक्षण कार्य एवं नकलचीयों की तलाश कर रहे थे , बमुश्क‍िल काफी मेहनत मशक्कत के बाद केवल दो नकलची ही हाथ में आये , कुल मिलाकार जिला प्रशासन द्वारा दो नकलची परीक्षार्थी पकड़े गये और मौके पर ही उनके केस बनाये गये , यह सब प्रक्रिया सब जगह हर परीक्षा केन्द्र पर जिला प्रशासन द्वारा स्वयं ही की जाती है , इससे ज्यादा न कहीं कोई नकल पकड़ी गई और न कोई ऐसा प्रकरण ही कहीं मिला ।
प्रोफेसर आर.एस.तोमर
- वरिष्ठतम प्रोफेसर एवं वरिष्ठतम प्राचार्य, एम.जी.एम. कॉलेज , मुरैना  ( जीवाजी विश्वविद्यालय , ग्लालियर)
नहीं कहीं कोई सामूहिक नकल वकल का केस नहीं मिला , केवल दो छात्र नकल कर रहे थे , वे भी काफी मेहनत मशक्कत और पूरे परीक्षा भवन के निरीक्षण के बाद पकड़ में आये , लिहाजा कोई सामूहिक नकल वकल वहॉं नहीं पाई गई, अत/ केवल दो छात्रों के मौके पर ही  नकल प्रकरण बनाये गये हैं ।
प्रदीप सिंह तोमर
एस.डी.एम. मुरैना
- नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द''
प्रधान संपादक , ग्वालियर टाईम्स समूह एवं चम्बल की आवाज समूह
अध्यक्ष , चंबल संभाग , गणेश शंकर विद्यार्थी प्रेस क्लब म.प्र.
अध्यक्ष प्रेस क्लब जिला मुरैना म.प्र.  ( व्हाटस एप्प नंबर 94257 38101 )

मंगलवार, 25 अगस्त 2015

नदी तो साली कहीं है है ही नहीं , मगर मगरमच्छ चारा चुग रहे हैं करोड़ों का हर साल , किस्सा मुरैना की बिजली का

नदी तो साली कहीं है है ही नहीं , मगर मगरमच्छ चारा चुग रहे हैं करोड़ों का हर साल , किस्सा मुरैना की बिजली का
- नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द''
बिजली विभाग मुरैना ( मध्य क्षेत्र विद्य़ुत वितरण कंपनी) के आफिसर्स के विरूद्ध बड़ी पुलिस कार्यवाही ( आजीवन कारावास तक की सजा की ) करने की तैयारी , कलेक्टर मुरैना फर्जी बिलिंग और कूटरचित बिलिंग से नाराज , न खंबे न तार , फिर भी मुरैना के सारे गॉंवों के किसान बना दिये बिजली विभाग ने फर्जी बिल दे देकर डिफाल्टर
कलेक्टर मुरैना शिल्पा गुप्ता ने दिये सत्यापन और प्रमाणीकरण के आदेश , दिये और कहा अगर निकला मामला फर्जी बिलिंग का सही तो दर्ज होगी एफ. आई.आर.
बेशक कलेक्टर मुरैना शिल्पा गुप्ता चौपाल कार्यक्रम के तहत अब तक जहॉं जहॉं जिन जिन गॉंवों में गई हैं , हर गॉंव में यही आलम मिला है , न खंबे , न बिजली के तार , बरसों बरस से युग बीत गये गॉंव वालों ने बिजली कभी देखी नहीं , सुनी नहीं , मगर हर महीने बाकायदा हर गॉंव में हर किसान पर बिजली के बिल पहुँच रहे हैं , गोया आलम ये है कि मुरैना जिला विशेषकर कई चुनिन्दा क्षेत्र ऐसे हैं जहॉं , अत्याचार और जुल्म अपनी सारी सरहदें पार कर गया है ।
जहॉं बिजली है ही नहीं , या कभी पहुँची ही नहीं , वहॉं के लाखों किसान , बिजली विभाग के करोड़ों रूपये के अनबूझ डिफाल्टर हैं , मतलब साफ कि अपराधी हैं , मतलब साफ कि किसी प्रकार का कोई चुनाव नहीं लड़ सकते, मतलब ये कि सारे निर्दोष ही दोषी हैं , और दोषीयों की अदालत का हकुम औ फरमान ये कि सारे निदोष दोषी , अब वे न तो थाने में जमा आत्मरक्षार्थ अपनी बंदूकें वापस ले सकेंगें और न किसी बैंक से लोन , न खेती खाद के लिये कोई कर्ज या सहायता , न किसी योजना का लाभ ही उठा सकेंगें ।
आजीवन कारावास से दंडनीय है , फर्जी , कूटरचित , जाली और अशुद्ध बिल भेजना व डिफाल्टर कहना या डिक्लेयर करना
इंडियन पैनल कोड की यानि भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत , फर्जी बिलिंग, कूटरचित बिल बनाना, अशुद्ध बिल बनाना , अप्रमाणित बिलिंग करना या बनाना , जालसाजी कर किसी को अवमानित कर ब्लैकमेल करना , जबरन फर्जी वसूली कर डिफाल्टर होने से बचाने का आपराधिक षडयंत्र रचना , किसी से सम्पत्त‍ि प्राप्त करने या उगाहने या वसूलने के लिये डराना , धमकाना, फर्जीवाड़ा कर फर्जी व जाली दस्तावेज तैयार करना तथा इन सबमें प्रति व्यक्त‍ि व प्रति परिवार उसकी मानहानि स्वत: ही सयुक्त व सहबद्धित हो जाती है । लिहाजा आीवन कारावास से दंडनीय यह अपराध न केवल संज्ञेय अपराध हैं जिसमें पुलिस कभी भी बिना किसी वारंट के अरेस्ट कर सकती है , बल्कि गैर जमानतीय अपराध भी हैं ।
आई.पी.सी. की वे धारायें जिनके तहत बिजली आफिसर्स व बिलिंग कर्ताओं व फर्जीवाड़ा करने वालों के विरूद्ध दर्ज होगा अपराध -
धारायें - 167, 171 ग एवं च , 176, 177, 178, 181, 182, 193, 195, 196, 197, 198, 199, 200, 201, 202, 203, 204, 209, 210, 211, 213, 214, 383, 385, 389, 406, 409, 420, 445, 452, 453, 464, 465, 466, 467, 468, 469, 471, 472, 474, 476, 477, 477- क, 499, 500, 503, 506 आदि के अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत व इलेक्ट्र‍िसिटी एक्ट ( भारतीय विद्युत अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया जा सकता है , कुल मिलाकर अब तलब पाये गये हजारों सबूतों के आधार पर आजीवन कारावास की सजा का केस दर्ज होना लगभग तय है , संभवत: व्यापम जैसा बहुत बड़ा तगड़ा घोटाला खुलना करीब करीब तय है ।
- नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द '' www.gwaliortimes.in/ www.facebook.com/Tomarrajvansh

रविवार, 28 जून 2015

क्या वकालत छोड़कर , दस बीस को मार कर चंबल में फरार होकर बागी बना जाये, हालात तो यही कह रहे हैं

खैर रिमांइंडर 8 भी भेज दिया है ....... जस का तस ज्यों का त्यों .... जो मैटर नीचे प्रकाशन किया गया है तदनुसार ....... चलिये सरकार अब या तो आप नहीं ....... या हम नहीं ...... युद्ध तो शुरू हो चुका है ..... अंजाम खुदा लिखेगा .......क्या वकालत का पेशा छोड़ दिया जाये ......  हम एडवोकेट का काम छोड़ दें .... और बंदूक उठाकर चंबल में फरार होकर दस बीस को मार कर फरार हो जायें .... हालात ये हैं .... आज भी फिर दिन भर से बिजली नहीं है ..... अब तो रोजाना धमकियां भी मिलने लगीं हैं .......  खैर आज फिर हमारे द्वारा सी.एम. हेल्पलाइन में धमकियां देने और बिजली नहीं देने तथा समस्या निराकरण संबंधी फर्जी रिपोर्ट भेजे जाने के बारे में मामला दर्ज करा दिया गया है .... और आप सब लोग भी जिन्हें इस ई मेल का सातवां रिमांइंडर भेजा गया है , कृपया तदनुसार अवगत हों - आपका उत्तर अपेक्षि‍त है और प्रतीक्षा में -  नरेन्द्र सिंह तोमर , एडवोकेट , मुरैना म.प्र.


गुरुवार, 4 जून 2015

उ.प्र. सरकार के मंत्री क्षत्रिय राजपूत नेता राजा भैया ( रघुराज प्रताप सिंह ) का महाराणा प्रताप जयन्ती के अवसर पर क्षत्रियों व राजपूतों को एक संबोधन व एक संदेश

उ.प्र. सरकार के मंत्री क्षत्रिय राजपूत नेता ( हमारे परम मित्र) राजा भैया ( रघुराज प्रताप सिंह ) का महाराणा प्रताप जयन्ती के अवसर पर क्षत्रियों व राजपूतों को एक संबोधन व एक संदेश
एक संबोधन जो क्षत्रियों व राजपूतों के अलावा अन्य जाति संप्रदाय व के सभी लोगों को भी सुनना चाहिये ( ग्वालियर टाइम्स प्रस्तुत करती है )  www.gwaliortimes.in  ( मुरैना में आज फिर बिजली कटौती चल रही है शाम 4 बजे से, इसके बावजूद यह फिल्म न केवल हमने अपने चैनल पार्टनर यू ट्यूब पर वर्ल्डवाइड रिलीज कर दी बल्क‍ि इसका वेबसाइट पर भी प्रकाशन कर दिया , अब यह फिल्म वर्ल्डवाइड ब्राडकास्ट में भी जायेगी , ये हमारा झन्नाटेदार तमाचा है, बिजली विभाग के अफसरों और कर्मचारियों मुँह पर , आगे और जबरदस्त तमाचे रसीद करेंगें , प्रतीक्षा करो, हम भी देखते हैं कि कैसे बनाते हो नगर निगम अपनी मुरैना में, और कैसे जीतते हो चुनाव )
महारणा प्रताप

शनिवार, 30 मई 2015

केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की चम्बल यात्रा , जाते जाते भव्य व आलीशान राजनीति करने का जलजला बिखेर नया इतिहास रच गये , सिखा गये नेताओं को कि चंबल में राजनीति कैसे की जाती है

केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की चम्बल यात्रा , जाते जाते भव्य व आलीशान राजनीति करने का जलजला बिखेर नया इतिहास रच गये , सिखा गये नेताओं को कि चंबल में राजनीति कैसे की जाती है
• चम्बल में भव्य स्वागत के साथ सारे विधायक , सारे नेताओं सहित करीब तीन चार लाख लाग उमड़े नरेन्द्र सिंह तोमर के स्वागत में * मुरैना सांसद को नहीं खोज पाये केन्द्रीय मंत्री भी , लापता व गुमशुदा ही रहे मुरैना सांसद
• तोमरघार क्षेत्र में जाकर अहसास दिला गये नेताओं को , सरकार को, अनाथ मत समझ लेना तोमरघार को , मैं यहीं का बेटा हूँ, लहू का एक एक कतरा इसी भूमि पर गिरेगा मेरा
नरेन्द्र सिंह तोमर ‘’आनन्द’’
ग्वालियर टाइम्स www.gwaliortimes.in

भारत सरकार के केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने एकदम अचानक चम्बल की धरती पर न केवल कदम धर दिया बल्कि् पूरी तरह से राजनीतिक व प्रशासनिक तौर पर अनाथ और अस्पृश्य एवं नजरअंदाज घोषि‍त कर दी गई तोमरघार बेल्ट में ही जाकर न केवल तमाम कार्यक्रम संपादित कर डाले , बल्किई यह भी कह गये कि , मैं इसी धरती का बेटा हूँ , कोई भूल से इसे अनाथ व नेतृत्व विहीन या अकेला समझने की भूल न करे , मेरे लहू का एक एक कतरा इसी तोमरघार की माटी से बना है , इसी पर गिरेगा ।
चम्बल की धरती पर किये गये जितने भी मेरे वायदे हैं या रूके हुये प्रोजेक्ट हैं या चम्बल के लोग जिस काम की भी कहेंगें या जिस काम को भी करवाना चाहेंगें , मैं बैठा हूँ , एक चिठ्ठी या एक खबर भी मुझे मिली , वही काम यहॉं हर हाल में अवश्य किया जायेगा और पूर्ण किया जायेगा ।
चम्बल की श्योपुर से लेकर ऐन पूरी तोमरघार गोरमी से मुरैना तक और भि‍ण्ड क्षेत्र की जनता के साथ सभी के सभी भाजपा विधायक और सारे भाजपा पदाधि‍कारीयों , नेताओं ने जहॉं पूरा मुरैना शहर और पूरी चम्बल नरेन्द्र सिंह तोमर के बैनरों और होडिंगों से पाट दी, तो पूरी चम्बल में ‘’नरेन्द्र सिंह तोमर जिंदाबाद’’ और देश का नेता कैसा हो ‘’ नरेन्द्र सिंह तोमर जैसा हो’’ के नारों से शहर मुरैना सहित जयकारों का गुजायमान कर दिया ।
जहॉं समूची भाजपा नरेन्द्र सिंह तोमर के साथ एकजुट खड़ी नजर आई तो वहीं , केन्द्रीय मंत्री का पूरा ध्यान तोमरघार और मुरैना जिला पंचायत व मुरैना नगर निगम पर केन्द्रियत रहा ।
तोमर की चंबल यात्रा में हाशीये पर फेंकें गये लोग और विशेषकर राजपूत , गुर्जर, वैश्य, किरार सब के सब इकतारे के सुर में पहली दफा बरसों बाद एक सूत्र में बंधे नजर आये । क्या कहते हैं अखबार चम्बल के – लीजिये पढि़ये
विधायकों की जम कर तारीफ और – ग्वालियर मुरैना दोनों जगह के सांसद मुझे ही माने जनता और दोनों जगह के विकास की ली जिम्मेवारी
उपेक्षि‍त व नजरअंदाज एवं नाराज चल रहे लोगों ने दिखा दी जोश और ताकत , रच दिया एकता व भव्यता व आलीशानता का चम्बल की धरती पर इतिहास , पूरी चम्बल में मुरैना सांसद का न एक भी चित्र , न होडिंग , न बैनर , न नाम न पोस्टर, न विज्ञापन और न कहीं सूरत नजर आई । अलबत्ता मुरैना सांसद की बचे खुचे अस्तिरत्व को भी पूरी तरह समाप्त कर गये नरेन्द्र सिंह तोमर
उपेक्षित तोमरघार से लेकर ऐन श्योपुर तक गूंज गया आसमान , पूरे संसदीय क्षेत्र में केवल ‘’नरेन्द्र सिंह तोमर जिन्दाबाद’’ के सिवा कुछ सुनाई ही नहीं दिया , मंत्री के चित्रों होर्डिंगों बैनरों पोस्टरों से सज कर दुल्हन बनी चंबल बेशक नजारा ऐतिहासिक और आगाज बहुत जबरदस्त दमदार था


बुधवार, 20 मई 2015

मुरैना नगर निगम चुनावों की आहट में पेंचों खम के साथ , राजनीतिक गुण्ताड़े और जुगाड़बाजी शुरू 70 फीसदी दिग्गज नेता खुद ब खुद ही मैदान से बाहर , दिग्गज नेताओं की खानदानी शहरी सियासत के लिये रास्ते बंद , नये चेहरों के लिये खुले रास्ते



मुरैना नगर निगम चुनावों की आहट में पेंचों खम के साथ , राजनीतिक गुण्ताड़े और जुगाड़बाजी शुरू
70 फीसदी दिग्गज नेता खुद ब खुद ही मैदान से बाहर , दिग्गज नेताओं की खानदानी शहरी सियासत के लिये रास्ते बंद , नये चेहरों के लिये खुले रास्ते
नरेन्द्र सिंह तोमर ‘’आनन्द’’
ग्वालियर टाइम्स   www.gwaliortimes.in