बुधवार, 1 मार्च 2017

04 मार्च से शुरू होंगें होलाष्‍टक, तंत्र मंत्र साधना व सिद्धि के लिये अकाट हैं ये योग

04 मार्च से प्रारंभ होंगें होलाष्‍टक , 12 को होलिका दहन, तंत्र मंत्र यंत्र प्रयोग े लिये सर्वश्रेष्‍ठ सिद्धि साधना योग
- नरेन्‍द्र सिंह तोमर ''आनन्‍द''
ग्‍वालियर टाइम्‍स , 1 मार्च 2017 । 02 मार्च को सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा , 04 मार्च को होलाष्‍टक प्रारंभ होगें , प्रात: 6 बज कर 10 मिनिट के बाद इस बार होलाष्‍टकों के लिये सर्वोत्‍तम योग महूर्त हैं , होलाष्‍टक की शुरूआत के दिन ही सर्वाथ सिद्धि योग एवं अमृत सिद्धि योग रहेंगें , ज्ञातव्‍य एवं स्‍मरणीय है कि तंत्र मंत्र यंत्र एवं अनुष्‍ठान आदि , अभि‍चारादि कर्म करने या उनको हटाने , पलटने, काटने, उतारे व उसारे आदि के लिये होलाष्‍टक से लेकर होलिका दहन के दिन व रात्रि का प्रयोग किया जाता है ।
होलाष्‍टकों के दरम्‍यान ही 09 फरवरी 2017 को तीन मुख्‍य महत्‍वपूर्ण सिद्धि योग एक साथ पड़ेंगें , इस दिन गुरू पुष्‍य नक्षत्र राज सिद्धि योग , सर्वार्थ सिद्धि योग एवं अमृत सिद्धि योग एक साथ रहेंगें , इस लिहाज से इस बार ये होलाष्‍टक सम्‍पूर्ण सिद्धि व साधना हेतु उपयुक्‍त एवं अति दुर्लभ हैं ।
होलाष्‍टकों की पूर्ण आहूति होलिका दहन की अकाटय दहन मूहूर्त ( संपूर्ण दिन व संपूर्ण रात्रि) पर होगी ।
जो लोग तंत्र मंत्र यंत्रादि के जानकार नहीं हैं , वे 04 मार्च से होलिका दहन दिनांक 12 मार्च 2017 तक अपने स्‍तर पर विशेष सावधानियां रखें , इस वक्‍त तमाम प्रकार के अनुष्‍ठान व तंत्र क्रियायें आदि संपन्‍न की जातीं हैं , एवं उतारे व उसारे आदि किये जाते हैं , काट, पलट , उलट आदि क्रियायें व नवीन तंत्र मंत्र यंत्र प्रयोग किये जाते हैं, लिहाजा तिराहों चौराहों से देख कर व बचकर गुजरें, इसके अलावा अपने घर , दूकान व व्‍यापार , व्‍यवसाय की विशेष सावधानी , स्‍वयं की विशेष रक्षात्‍मक उपाय करें व स्‍वयं को बचायें ।
इसके ठीक बाद ही चैत्र नवरात्रि के प्रयोग व अनुष्‍ठान आदि चलेंगें , लिहाजा इस पूरी अवधि‍ के दौरान मुकम्‍मल सावधानी रखें ।